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रोजमर्रा के जीवन के लिए मानकीकरण बेहद जरूरी - सीएम धामी

रोजमर्रा के जीवन के लिए मानकीकरण बेहद जरूरी - सीएम धामी

भारतीय मानक ब्यूरो ने आयोजित किया मानक कार्निवल 

लगभग दो हजार विद्यार्थियों ने की भागीदारी

देहरादून। भारतीय मानक ब्यूरो के 78वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में मानक कार्निवल का आयोजन किया गया। कार्निवल की थीम राष्ट्रीय खेलों के ग्रीन गेम्स पर रखी गई थी।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च मानव को तैयार कर भारत वैश्विक मापदंडों में खरा उतर रहा है और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहा है। आईएसआई मार्क एक विश्वसनीयता का चिन्ह बन चुका है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजमर्रा के जीवन के लिए मानकीकरण बेहद जरूरी है। उन्होंने मानक मेले में आए सभी विद्यार्थियों व उपस्थित लोगों को मानक शपथ भी दिलाई। स्थानीय विधायक सविता कपूर ने कहा कि प्रदेश अपने रजत वर्ष में चल रहा है और यहां विकास के कार्य लगातार संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के मानक मेले में बच्चों को सीखने को काफी मिलेगा और वे देश के विकास में अपना योगदान दे सकेंगे।

भारतीय मानक ब्यूरो की उप महानिदेशक स्नेहलता ने कहा कि बीआइएस का उद्देश्य उपभोक्ता संरक्षण करना तथा बच्चों को मानकों के प्रति जागरूक करना है। इस अवसर पर भारतीय मानक ब्यूरो देहरादून शाखा के निदेशक व प्रमुख सौरभ तिवारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय मानक निकाय के तौर पर बीआइएस लगातार राष्ट्र की उन्नति में अपना योगदान दे रहा है। स्टैंडर्ड क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को मानकों के विषय में जानकारी दी जाती है। इस अवसर पर खाद्य आयुक्त हरि चंद सेमवाल भी उपस्थित थे।

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कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विभिन्न विद्यालयों में स्थापित स्टैंडर्ड क्लब के लगभग 2000 विद्यार्थी शामिल रहे। उन्होंने न सिर्फ मानकों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इस दौरान लगभग 300 उद्योगों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। उद्योगों की तरफ से भी इसमें अपने विभिन्न उत्पादों को लेकर प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें खास तौर से मानकों के उपयोग को प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानकों के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। इसमें उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के 50 से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भागीदारी की। बच्चों के लिए यहां विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया, उन्होंने इनका खूब आनन्द लिया।

बच्चों के अनुरोध पर वापस लौटे सीएम 
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एक बार फिर अपने व्यवहार से बच्चों का दिल जीत लिया। अपने उद्बोधन के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री जाने लगे तो कुछ बच्चों ने उनसे अपना सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने का अनुरोध किया। बच्चों का दिल रखने के लिए उन्होंने इसमें सहमति दी और प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद दोबारा कार्यक्रम देखने पहुंचे। उनकी इस सहृदयता को कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने काफी सराहा।

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