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कोटद्वार में 8 लाख की ठगी का खुलासा, राजस्थान के तीन शातिर ठग गिरफ्तार

कोटद्वार में 8 लाख की ठगी का खुलासा, राजस्थान के तीन शातिर ठग गिरफ्तार

6 लाख नकद और सोने की चेन बरामद

कोटद्वार। कोटद्वार में एक ज्वैलर्स कारोबारी से करीब आठ लाख रुपये की ठगी करने वाले राजस्थान के तीन शातिर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पहले असली सोने के आभूषण गिरवी रखकर भरोसा जीता और फिर नकली गहने देकर लाखों रुपये नकद और असली जेवर लेकर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह लाख रुपये नकद और चार सोने की चेन बरामद की हैं, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।

मुख्यमंत्री धामी ने लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री धामी ने लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास

हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम

महाकुंभ-2027 एवं कांवड़ यात्रा की तैयारियों को मिलेगी नई गति, स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा प्रोत्साहन

राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने मुख्यमंत्री धामी से की शिष्टाचार भेंट

राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने मुख्यमंत्री धामी से की शिष्टाचार भेंट

पौड़ी के कलजीखाल कार्यक्रम की जनसमस्याओं की रिपोर्ट भी सौंपी

देहरादून। राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने आज मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर वर्मा ने मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के विकास एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्तर पर प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण

विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर राज्य के युवाओं को विदेश में सीधे रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तराखंड सरकार की मुहिम तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार के प्रयासों से मंगलवार को जापान के आए प्रतिनिधि मंडल ने सर्वे चौक, देहरादून स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। यह सभी प्रतिनिधिमंडल अनाडुकी ग्लोबल करियर कंपनी लिमिटेड, जापान से हैं। जिसमें  हिदेतारो उसुई, माई इकुता एवं मिहोको मात्सुमोतो शामिल हैं।

पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को किया पर्यटन स्थल घोषित

पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को किया पर्यटन स्थल घोषित

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बाबा बौखनाग की पवित्र तपोस्थली बौख (बौख नाग धाम) को पर्यटन क्षेत्र में शामिल करते हुए धार्मिक पर्यटक स्थल घोषित किया है।

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Mahakumbh part1

महाकुम्भ: सांस्कृतिक विरासत का महापर्व ( Part-1)

कुम्भ... जहाँ गंगा में डुबकी लगाने भर से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जहां स्नान कर सभी अनंत काल तक के लिए धन्य हो जाते हैं...और इस स्नान का महत्व सिर्फ श्रद्धालुओं और साधु-संन्यासियों के लिए ही नहीं है बल्कि देवताओं के लिए भी पवित्र है। इस तरह कुम्भ आदि को अनादि से जोड़ने वाला, मुक्ति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करने वाला सनातन संस्कृति की एकतारूपता का अमीयकुम्भ है।

peshwai, mahakumbh

सर्वव्यापी कुम्भ क्यों है अद्वितीय? (Part -2)

आजादी से पहले जब-जब सनातन धर्म, उसकी संस्कृति और देश की रक्षा पर संकट आया, तब-तब राजा-महाराजों के आग्रह पर साधु-संतों ने धर्म प्रचार के साथ-साथ हाथ में तलवार उठाकर भी धर्म, संस्कृति और देश की रक्षा भी की। तभी से जहाँ भी कुम्भ का आयोजन होता था, वहाँ साधु संतों को राजा महाराजा अपने रथ हाथी घोड़ों पर शाही तरीके से कुंभ में पेश कराते थे। चुकि पहले राजाओं को पेशवा भी कहा जाता था, इसलिए संतों के कुंभ में प्रवेश को पेशवाई कहा जाने लगा... और यह ऐतिहासिक परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी पूरे शान-ओ-शौकत के साथ जारी है।

Atal Bihari Vajpayee

कर्म और विचार दोनों में अटल थे वाजपेयी

‘जीवन बंजारों का डेरा... आज यहाँ कल कहां कूच है... कौन जानता किधर सबेरा’... कविता की इन दार्शनिक पंक्तियों में जीवन का फलसफा छुपा हुआ है जिसे अटल बिहारी वाजपेयी अक्सर कहा करते थे। बिना किसी भय के पूरी निडरता के साथ भविष्य में घटने वाली हर अनहोनी के लिए तैयार रहना उसे स्वीकार करना किसी सामान्य व्यक्ति के बस की बात नहीं होती.... इसीलिए तो विशेष और असामान्य थे अटल बिहारी वाजपेयी.... जिन्होंने अपनी सौम्यता, सहजता और सहृदयता से करोड़ों भारतीयों के दिलों में घर बनाई।

Rashtrakavi Ramdhari Singh

रामधारी सिंह दिनकर: राष्ट्रचेतना और जनजागरण के कवि

जीवन भर अपनी रचनाओं में जन-जागरण के लिए हुंकार की गर्जना भरने वाले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर न केवल हिंदी साहित्य के भंडार को विविध विधाओं से भरने का यत्न करते रहे बल्कि क्रांति-चेतना के प्रखर प्रणेता बनकर अपनी कविताओं के जरिए राष्ट्र प्रेम का अलख जगाते रहे। दरअसल राष्ट्रीय कविता की जो परम्परा भारतेन्दु से शुरू हुई उसकी परिणति हुई दिनकर की कविताओं में। उनकी रचनाओं में अगर भूषण जैसा कोई वीर रस का कवि बैठा था, तो मैथिलीशरण गुप्त की तरह लोगों की दुर्दशा पर लिखने और रोनेवाला एक राष्ट्रकवि भी।

Bihar is the land of Buddha, not war...A confluence of glorious history, tradition, and modernity

बिहार की भूमि पर ही पहली बार केंद्रीकृत शासन प्रणाली की शुरुआत हुई और शक्तिशाली महाजनपद अस्तित्व में आए। बिहार में ही विश्व का पहला गणतंत्र यानी रिपब्लिक की परिकल्पना साकार हुई। सम्राट अशोक ने यहीं से पहली बार एक कल्याणकारी राज्य का आदर्श प्रस्तुत किया। ब्रिटिश सत्ता को पहली बार सशक्त चुनौती देनेवाला जन आंदोलन, वहाबी आंदोलन यही संगठित हुआ। 1857 में बाबू कुँवर सिंह और पीर अली जैसे देशभक्तों ने ब्रिटिश सत्ता को यहीं से ललकारा था। महात्मा गाँधी ने पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग भारत में जन आंदोलन के हथियार के रूप इसी धरती पर किया। स्वतंत्र भारत का प्रथम राष्ट्रपति इसी भूमि ने प्रदान किया औ

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COP26 SUMMIT | CLIMATE CHANGE AND CHALLENGES

दुनिया भर में तूफान, बाढ़ और जंगल में आग की घटना दिनोंदिन तेजी से बढ़ती जा रही है। वायु प्रदूषण लाखों लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। मौसम में अप्रत्याशित बदलाव की वजह से लाख

VISHAY VISHESH: UNITED NATIONS | संयुक्त राष्ट्र

1939 से 1945 तक चले दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हुए विध्वंस और इससे पहले प्रथम विश्वयुद्ध के विनाश से दुनिया के तमाम देश तंग आ चुके थे। इस विनाशकारी प्रभाव से बचने के लिए दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान ह

G20 Leaders’ Summit 2021 | Vishay Vishesh on G20

कोविड-19 वैश्विक महामारी ने जहां पूरे विश्व की अर्थव्यस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है...वहीं जलवायु परिवर्तन की चुनौती से पूरी दुनिया जूझ रही है...साथ ही, वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की ब

Vishay Vishesh | Samvidhan Divas | Constitution Day | Constitution of India

सैकड़ों साल की दासता और गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। भारत की आजादी उसकी जनता के लिए एक ऐसे युग की शुरुआत थी जो एक नए दर्शन, विचार और सिद्धांत से प्रेरित था...

Importance of Putin Visit to India : Indo-Russia relations

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन छह दिसंबर को भारत दौरे पर आ रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ नई दिल्ली में होने वाले 21 वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्स

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