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जनवरी तक तैयार हो जायेगा जीएनटीआई स्टेडियम- डाॅ. धन सिंह रावत

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श्रीकोट-स्वीत व डुंगरीपंथ क्षेत्र के लिये 3 करोड़ की विकास योजना स्वीकृत

कहा, धारी देवी रेलवे स्टेशन में बनेगा बहुउद्देशीय पार्किंग व आधुनिक पार्क

सामान्य बीपी फिर भी चक्कर और शरीर कांपे तो नजरअंदाज न करें, इन वजहों से हो सकती है परेशानी

सामान्य बीपी फिर भी चक्कर और शरीर कांपे तो नजरअंदाज न करें, इन वजहों से हो सकती है परेशानी

अचानक सिर घूमने लगे, शरीर में कंपकंपी महसूस हो या बिना किसी खास वजह के कमजोरी आने लगे तो व्यक्ति स्वाभाविक रूप से परेशान हो जाता है। ऐसे में कई लोग तुरंत ब्लड प्रेशर चेक करते हैं। अगर बीपी सामान्य निकलता है, तो अक्सर लगता है कि शायद कोई बड़ी समस्या नहीं है। हालांकि, चक्कर और शरीर कांपने के पीछे सिर्फ ब्लड प्रेशर ही जिम्मेदार नहीं होता। शरीर में पानी की कमी से लेकर लो ब्लड शुगर, तनाव, नींद की कमी और कान के संतुलन से जुड़ी समस्या तक कई कारण इसके पीछे हो सकते हैं।

चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पहुंचे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सामरिक और बुनियादी सुविधाओं का लिया जायजा

चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पहुंचे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सामरिक और बुनियादी सुविधाओं का लिया जायजा

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने 'सर्वशक्ति सी.एल.एफ. तुल्याड़ा' के ग्राम मल्ली स्थित कलेक्शन सेंटर का किया उद्घाटन : समूह की महिलाओं के आत्मनिर्भरता प्रयासों को सराहा

पीएम श्री रा.ई. कॉलेज मातली पहुंचकर शिक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा, छात्र-छात्राओं को दिया मार्गदर्शन

मुख्यमंत्री ने अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 15 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री ने अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 15 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री के आह्वान पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन में सहयोग के लिए आगे आया कॉरपोरेट सेक्टर

नेस्ले इंडिया ने सीएसआर के तहत उपलब्ध कराए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खटीमा में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 15 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें नेस्ले इंडिया द्वारा सीएसआर के तहत उपलब्ध कराए गए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन भी शामिल हैं।

प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ

प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आशा बहनों का किया सम्मान

मातृशक्ति और बच्चों का सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता,हर पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना सरकार का लक्ष्य- रेखा आर्या

विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने 8 लाभार्थी बहनों को प्रदान की महालक्ष्मी किट ,4 बहनों को कराई गोदभराई की रस्म

Exclusive Articles

Mahakumbh part1

महाकुम्भ: सांस्कृतिक विरासत का महापर्व ( Part-1)

कुम्भ... जहाँ गंगा में डुबकी लगाने भर से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जहां स्नान कर सभी अनंत काल तक के लिए धन्य हो जाते हैं...और इस स्नान का महत्व सिर्फ श्रद्धालुओं और साधु-संन्यासियों के लिए ही नहीं है बल्कि देवताओं के लिए भी पवित्र है। इस तरह कुम्भ आदि को अनादि से जोड़ने वाला, मुक्ति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करने वाला सनातन संस्कृति की एकतारूपता का अमीयकुम्भ है।

peshwai, mahakumbh

सर्वव्यापी कुम्भ क्यों है अद्वितीय? (Part -2)

आजादी से पहले जब-जब सनातन धर्म, उसकी संस्कृति और देश की रक्षा पर संकट आया, तब-तब राजा-महाराजों के आग्रह पर साधु-संतों ने धर्म प्रचार के साथ-साथ हाथ में तलवार उठाकर भी धर्म, संस्कृति और देश की रक्षा भी की। तभी से जहाँ भी कुम्भ का आयोजन होता था, वहाँ साधु संतों को राजा महाराजा अपने रथ हाथी घोड़ों पर शाही तरीके से कुंभ में पेश कराते थे। चुकि पहले राजाओं को पेशवा भी कहा जाता था, इसलिए संतों के कुंभ में प्रवेश को पेशवाई कहा जाने लगा... और यह ऐतिहासिक परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी पूरे शान-ओ-शौकत के साथ जारी है।

Atal Bihari Vajpayee

कर्म और विचार दोनों में अटल थे वाजपेयी

‘जीवन बंजारों का डेरा... आज यहाँ कल कहां कूच है... कौन जानता किधर सबेरा’... कविता की इन दार्शनिक पंक्तियों में जीवन का फलसफा छुपा हुआ है जिसे अटल बिहारी वाजपेयी अक्सर कहा करते थे। बिना किसी भय के पूरी निडरता के साथ भविष्य में घटने वाली हर अनहोनी के लिए तैयार रहना उसे स्वीकार करना किसी सामान्य व्यक्ति के बस की बात नहीं होती.... इसीलिए तो विशेष और असामान्य थे अटल बिहारी वाजपेयी.... जिन्होंने अपनी सौम्यता, सहजता और सहृदयता से करोड़ों भारतीयों के दिलों में घर बनाई।

Rashtrakavi Ramdhari Singh

रामधारी सिंह दिनकर: राष्ट्रचेतना और जनजागरण के कवि

जीवन भर अपनी रचनाओं में जन-जागरण के लिए हुंकार की गर्जना भरने वाले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर न केवल हिंदी साहित्य के भंडार को विविध विधाओं से भरने का यत्न करते रहे बल्कि क्रांति-चेतना के प्रखर प्रणेता बनकर अपनी कविताओं के जरिए राष्ट्र प्रेम का अलख जगाते रहे। दरअसल राष्ट्रीय कविता की जो परम्परा भारतेन्दु से शुरू हुई उसकी परिणति हुई दिनकर की कविताओं में। उनकी रचनाओं में अगर भूषण जैसा कोई वीर रस का कवि बैठा था, तो मैथिलीशरण गुप्त की तरह लोगों की दुर्दशा पर लिखने और रोनेवाला एक राष्ट्रकवि भी।

Bihar is the land of Buddha, not war...A confluence of glorious history, tradition, and modernity

बिहार की भूमि पर ही पहली बार केंद्रीकृत शासन प्रणाली की शुरुआत हुई और शक्तिशाली महाजनपद अस्तित्व में आए। बिहार में ही विश्व का पहला गणतंत्र यानी रिपब्लिक की परिकल्पना साकार हुई। सम्राट अशोक ने यहीं से पहली बार एक कल्याणकारी राज्य का आदर्श प्रस्तुत किया। ब्रिटिश सत्ता को पहली बार सशक्त चुनौती देनेवाला जन आंदोलन, वहाबी आंदोलन यही संगठित हुआ। 1857 में बाबू कुँवर सिंह और पीर अली जैसे देशभक्तों ने ब्रिटिश सत्ता को यहीं से ललकारा था। महात्मा गाँधी ने पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग भारत में जन आंदोलन के हथियार के रूप इसी धरती पर किया। स्वतंत्र भारत का प्रथम राष्ट्रपति इसी भूमि ने प्रदान किया औ

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COP26 SUMMIT | CLIMATE CHANGE AND CHALLENGES

दुनिया भर में तूफान, बाढ़ और जंगल में आग की घटना दिनोंदिन तेजी से बढ़ती जा रही है। वायु प्रदूषण लाखों लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। मौसम में अप्रत्याशित बदलाव की वजह से लाख

VISHAY VISHESH: UNITED NATIONS | संयुक्त राष्ट्र

1939 से 1945 तक चले दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हुए विध्वंस और इससे पहले प्रथम विश्वयुद्ध के विनाश से दुनिया के तमाम देश तंग आ चुके थे। इस विनाशकारी प्रभाव से बचने के लिए दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान ह

G20 Leaders’ Summit 2021 | Vishay Vishesh on G20

कोविड-19 वैश्विक महामारी ने जहां पूरे विश्व की अर्थव्यस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है...वहीं जलवायु परिवर्तन की चुनौती से पूरी दुनिया जूझ रही है...साथ ही, वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की ब

Vishay Vishesh | Samvidhan Divas | Constitution Day | Constitution of India

सैकड़ों साल की दासता और गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। भारत की आजादी उसकी जनता के लिए एक ऐसे युग की शुरुआत थी जो एक नए दर्शन, विचार और सिद्धांत से प्रेरित था...

Importance of Putin Visit to India : Indo-Russia relations

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन छह दिसंबर को भारत दौरे पर आ रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ नई दिल्ली में होने वाले 21 वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्स

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