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मुख्यमंत्री के निर्देशन में सेवा, सुशासन और समर्पण का महाअभियान शुरू, योजनाओं का लाभ पहुंचेगा अंतिम व्यक्ति तक

मुख्यमंत्री के निर्देशन में सेवा, सुशासन और समर्पण का महाअभियान शुरू, योजनाओं का लाभ पहुंचेगा अंतिम व्यक्ति तक

जनपद में उत्साहपूर्वक हुआ सेवा पखवाड़े का शुभारंभ, योजनाओं से जुड़ेगा हर पात्र लाभार्थी

विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सरकार की प्राथमिकता: विधायक

स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान में सेवा पखवाड़ा बनेगा प्रभावी माध्यम: जिलाधिकारी

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद को ₹219.29 करोड़ की 51 विकास योजनाओं की दी सौगात

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद को ₹219.29 करोड़ की 51 विकास योजनाओं की दी सौगात

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आईडीपीएल ग्राउंड, ऋषिकेश में "सेवा पखवाड़ा" कार्यक्रम में देहरादून जनपद के विकास को नई गति प्रदान करते हुए ₹172.78 करोड़ लागत की 38 विकास योजनाओं का शिलान्यास तथा ₹46.50 करोड़ लागत की 13 योजनाओं का लोकार्पण किया। इस प्रकार उन्होंने कुल ₹219.29 करोड़ की 51 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर जनपद को महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी।

जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

शिलान्यास

‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ

‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ

देहरादून जनपद की ₹219 करोड़ से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

’मुख्यमंत्री की उपलब्धि पर राज्यपाल ने दी बधाई, विकास कार्यों की सराहना की’

’उत्तराखण्ड विकास और निवेश का नया केंद्र बनकर उभरा - राज्यपाल’

जनसेवा ही सरकार का मूल मंत्र, वर्ष 2035 तक विकसित एवं श्रेष्ठ उत्तराखण्ड निर्माण का लक्ष्य - मुख्यमंत्री

बदरीनाथ धाम के चढ़ावा चोरी पर जवाब दे सरकार- कांग्रेस

बदरीनाथ धाम के चढ़ावा चोरी पर जवाब दे सरकार- कांग्रेस

आखिर भाजपा किस उपलब्धि का जश्न मना रही-कांग्रेस

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए बद्रीनाथ एवं केदारनाथ मंदिरों में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने महिला अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, अवैध खनन और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि आखिर भाजपा किस उपलब्धि का जश्न मना रही है।

ऋतु खंडूरी ने किया कोटद्वार के मोटाढांग में ₹1.47 करोड़ की पेयजल योजना का शिलान्यास, नलकूप से सुधरेगी जलापूर्ति

ऋतु खंडूरी ने किया कोटद्वार के मोटाढांग में ₹1.47 करोड़ की पेयजल योजना का शिलान्यास, नलकूप से सुधरेगी जलापूर्ति

कोटद्वार:  ऋतु भूषण खंडूरी ने आज शनिवार को कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 31 पदमपुर मोटाढांग स्थित ग्राम उमरावनगर में ₹147.90 लाख की लागत से बनने वाले मोटाढांग पेयजल योजना के अंतर्गत नलकूप का शिलान्यास किया। यह परियोजना उत्तराखंड जल संस्थान के राज्य सेक्टर कार्यक्रम के तहत संचालित की जा रही है।

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Mahakumbh part1

महाकुम्भ: सांस्कृतिक विरासत का महापर्व ( Part-1)

कुम्भ... जहाँ गंगा में डुबकी लगाने भर से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जहां स्नान कर सभी अनंत काल तक के लिए धन्य हो जाते हैं...और इस स्नान का महत्व सिर्फ श्रद्धालुओं और साधु-संन्यासियों के लिए ही नहीं है बल्कि देवताओं के लिए भी पवित्र है। इस तरह कुम्भ आदि को अनादि से जोड़ने वाला, मुक्ति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करने वाला सनातन संस्कृति की एकतारूपता का अमीयकुम्भ है।

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सर्वव्यापी कुम्भ क्यों है अद्वितीय? (Part -2)

आजादी से पहले जब-जब सनातन धर्म, उसकी संस्कृति और देश की रक्षा पर संकट आया, तब-तब राजा-महाराजों के आग्रह पर साधु-संतों ने धर्म प्रचार के साथ-साथ हाथ में तलवार उठाकर भी धर्म, संस्कृति और देश की रक्षा भी की। तभी से जहाँ भी कुम्भ का आयोजन होता था, वहाँ साधु संतों को राजा महाराजा अपने रथ हाथी घोड़ों पर शाही तरीके से कुंभ में पेश कराते थे। चुकि पहले राजाओं को पेशवा भी कहा जाता था, इसलिए संतों के कुंभ में प्रवेश को पेशवाई कहा जाने लगा... और यह ऐतिहासिक परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी पूरे शान-ओ-शौकत के साथ जारी है।

Atal Bihari Vajpayee

कर्म और विचार दोनों में अटल थे वाजपेयी

‘जीवन बंजारों का डेरा... आज यहाँ कल कहां कूच है... कौन जानता किधर सबेरा’... कविता की इन दार्शनिक पंक्तियों में जीवन का फलसफा छुपा हुआ है जिसे अटल बिहारी वाजपेयी अक्सर कहा करते थे। बिना किसी भय के पूरी निडरता के साथ भविष्य में घटने वाली हर अनहोनी के लिए तैयार रहना उसे स्वीकार करना किसी सामान्य व्यक्ति के बस की बात नहीं होती.... इसीलिए तो विशेष और असामान्य थे अटल बिहारी वाजपेयी.... जिन्होंने अपनी सौम्यता, सहजता और सहृदयता से करोड़ों भारतीयों के दिलों में घर बनाई।

Rashtrakavi Ramdhari Singh

रामधारी सिंह दिनकर: राष्ट्रचेतना और जनजागरण के कवि

जीवन भर अपनी रचनाओं में जन-जागरण के लिए हुंकार की गर्जना भरने वाले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर न केवल हिंदी साहित्य के भंडार को विविध विधाओं से भरने का यत्न करते रहे बल्कि क्रांति-चेतना के प्रखर प्रणेता बनकर अपनी कविताओं के जरिए राष्ट्र प्रेम का अलख जगाते रहे। दरअसल राष्ट्रीय कविता की जो परम्परा भारतेन्दु से शुरू हुई उसकी परिणति हुई दिनकर की कविताओं में। उनकी रचनाओं में अगर भूषण जैसा कोई वीर रस का कवि बैठा था, तो मैथिलीशरण गुप्त की तरह लोगों की दुर्दशा पर लिखने और रोनेवाला एक राष्ट्रकवि भी।

Bihar is the land of Buddha, not war...A confluence of glorious history, tradition, and modernity

बिहार की भूमि पर ही पहली बार केंद्रीकृत शासन प्रणाली की शुरुआत हुई और शक्तिशाली महाजनपद अस्तित्व में आए। बिहार में ही विश्व का पहला गणतंत्र यानी रिपब्लिक की परिकल्पना साकार हुई। सम्राट अशोक ने यहीं से पहली बार एक कल्याणकारी राज्य का आदर्श प्रस्तुत किया। ब्रिटिश सत्ता को पहली बार सशक्त चुनौती देनेवाला जन आंदोलन, वहाबी आंदोलन यही संगठित हुआ। 1857 में बाबू कुँवर सिंह और पीर अली जैसे देशभक्तों ने ब्रिटिश सत्ता को यहीं से ललकारा था। महात्मा गाँधी ने पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग भारत में जन आंदोलन के हथियार के रूप इसी धरती पर किया। स्वतंत्र भारत का प्रथम राष्ट्रपति इसी भूमि ने प्रदान किया औ

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COP26 SUMMIT | CLIMATE CHANGE AND CHALLENGES

दुनिया भर में तूफान, बाढ़ और जंगल में आग की घटना दिनोंदिन तेजी से बढ़ती जा रही है। वायु प्रदूषण लाखों लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। मौसम में अप्रत्याशित बदलाव की वजह से लाख

VISHAY VISHESH: UNITED NATIONS | संयुक्त राष्ट्र

1939 से 1945 तक चले दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हुए विध्वंस और इससे पहले प्रथम विश्वयुद्ध के विनाश से दुनिया के तमाम देश तंग आ चुके थे। इस विनाशकारी प्रभाव से बचने के लिए दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान ह

G20 Leaders’ Summit 2021 | Vishay Vishesh on G20

कोविड-19 वैश्विक महामारी ने जहां पूरे विश्व की अर्थव्यस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है...वहीं जलवायु परिवर्तन की चुनौती से पूरी दुनिया जूझ रही है...साथ ही, वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की ब

Vishay Vishesh | Samvidhan Divas | Constitution Day | Constitution of India

सैकड़ों साल की दासता और गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। भारत की आजादी उसकी जनता के लिए एक ऐसे युग की शुरुआत थी जो एक नए दर्शन, विचार और सिद्धांत से प्रेरित था...

Importance of Putin Visit to India : Indo-Russia relations

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन छह दिसंबर को भारत दौरे पर आ रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ नई दिल्ली में होने वाले 21 वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्स

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