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अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट

अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट

पार्किंग के लिए तय किए गए स्थान

देहरादून। राजधानी देहरादून में शुक्रवार, 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरे और धनतेरस पर्व को देखते हुए यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया है। परेड ग्राउंड में प्रस्तावित जनसभा, पुलिस लाइन में आयोजित होने वाली अलंकरण परेड और त्योहार के दौरान बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात में बदलाव किया गया है। इसके साथ ही वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल भी निर्धारित किए गए हैं।

देहरादून में 5 लाख की चरस के साथ 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार, नशे के आदी लोगों को बेचने की थी तैयारी

देहरादून में 5 लाख की चरस के साथ 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार, नशे के आदी लोगों को बेचने की थी तैयारी

देहरादून। राजधानी में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दून पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को बड़ी कामयाबी मिली है। राजपुर थाना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1 किलो 110 ग्राम अवैध चरस बरामद की है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई गई है।

त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा

त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा

त्योहारों का मौसम आते ही घरों में मिठाइयों, चॉकलेट, केक और तरह-तरह के पकवानों की मांग बढ़ जाती है। खुशियों के इस मौके पर लोग स्वाद के चक्कर में अक्सर अपनी खानपान की आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं। खासकर मीठे खाद्य पदार्थों और शुगर युक्त पेय पदार्थों का अधिक सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार जरूरत से ज्यादा चीनी खाना केवल वजन बढ़ने की वजह नहीं बनता, बल्कि इससे लिवर, पाचन तंत्र और मेटाबॉलिज्म पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी

मेला चिकित्सालय एवं भूपतवाला चिकित्सालय के लिए सीएसआर मद से उपलब्ध कराए जा रहे आधुनिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उपकरण

श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को डिफेंस कॉलोनी पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं लोकसभा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई स्वर्गीय बृजमोहन सिंह रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा को नमन किया।

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Mahakumbh part1

महाकुम्भ: सांस्कृतिक विरासत का महापर्व ( Part-1)

कुम्भ... जहाँ गंगा में डुबकी लगाने भर से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जहां स्नान कर सभी अनंत काल तक के लिए धन्य हो जाते हैं...और इस स्नान का महत्व सिर्फ श्रद्धालुओं और साधु-संन्यासियों के लिए ही नहीं है बल्कि देवताओं के लिए भी पवित्र है। इस तरह कुम्भ आदि को अनादि से जोड़ने वाला, मुक्ति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करने वाला सनातन संस्कृति की एकतारूपता का अमीयकुम्भ है।

peshwai, mahakumbh

सर्वव्यापी कुम्भ क्यों है अद्वितीय? (Part -2)

आजादी से पहले जब-जब सनातन धर्म, उसकी संस्कृति और देश की रक्षा पर संकट आया, तब-तब राजा-महाराजों के आग्रह पर साधु-संतों ने धर्म प्रचार के साथ-साथ हाथ में तलवार उठाकर भी धर्म, संस्कृति और देश की रक्षा भी की। तभी से जहाँ भी कुम्भ का आयोजन होता था, वहाँ साधु संतों को राजा महाराजा अपने रथ हाथी घोड़ों पर शाही तरीके से कुंभ में पेश कराते थे। चुकि पहले राजाओं को पेशवा भी कहा जाता था, इसलिए संतों के कुंभ में प्रवेश को पेशवाई कहा जाने लगा... और यह ऐतिहासिक परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी पूरे शान-ओ-शौकत के साथ जारी है।

Atal Bihari Vajpayee

कर्म और विचार दोनों में अटल थे वाजपेयी

‘जीवन बंजारों का डेरा... आज यहाँ कल कहां कूच है... कौन जानता किधर सबेरा’... कविता की इन दार्शनिक पंक्तियों में जीवन का फलसफा छुपा हुआ है जिसे अटल बिहारी वाजपेयी अक्सर कहा करते थे। बिना किसी भय के पूरी निडरता के साथ भविष्य में घटने वाली हर अनहोनी के लिए तैयार रहना उसे स्वीकार करना किसी सामान्य व्यक्ति के बस की बात नहीं होती.... इसीलिए तो विशेष और असामान्य थे अटल बिहारी वाजपेयी.... जिन्होंने अपनी सौम्यता, सहजता और सहृदयता से करोड़ों भारतीयों के दिलों में घर बनाई।

Rashtrakavi Ramdhari Singh

रामधारी सिंह दिनकर: राष्ट्रचेतना और जनजागरण के कवि

जीवन भर अपनी रचनाओं में जन-जागरण के लिए हुंकार की गर्जना भरने वाले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर न केवल हिंदी साहित्य के भंडार को विविध विधाओं से भरने का यत्न करते रहे बल्कि क्रांति-चेतना के प्रखर प्रणेता बनकर अपनी कविताओं के जरिए राष्ट्र प्रेम का अलख जगाते रहे। दरअसल राष्ट्रीय कविता की जो परम्परा भारतेन्दु से शुरू हुई उसकी परिणति हुई दिनकर की कविताओं में। उनकी रचनाओं में अगर भूषण जैसा कोई वीर रस का कवि बैठा था, तो मैथिलीशरण गुप्त की तरह लोगों की दुर्दशा पर लिखने और रोनेवाला एक राष्ट्रकवि भी।

Bihar is the land of Buddha, not war...A confluence of glorious history, tradition, and modernity

बिहार की भूमि पर ही पहली बार केंद्रीकृत शासन प्रणाली की शुरुआत हुई और शक्तिशाली महाजनपद अस्तित्व में आए। बिहार में ही विश्व का पहला गणतंत्र यानी रिपब्लिक की परिकल्पना साकार हुई। सम्राट अशोक ने यहीं से पहली बार एक कल्याणकारी राज्य का आदर्श प्रस्तुत किया। ब्रिटिश सत्ता को पहली बार सशक्त चुनौती देनेवाला जन आंदोलन, वहाबी आंदोलन यही संगठित हुआ। 1857 में बाबू कुँवर सिंह और पीर अली जैसे देशभक्तों ने ब्रिटिश सत्ता को यहीं से ललकारा था। महात्मा गाँधी ने पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग भारत में जन आंदोलन के हथियार के रूप इसी धरती पर किया। स्वतंत्र भारत का प्रथम राष्ट्रपति इसी भूमि ने प्रदान किया औ

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COP26 SUMMIT | CLIMATE CHANGE AND CHALLENGES

दुनिया भर में तूफान, बाढ़ और जंगल में आग की घटना दिनोंदिन तेजी से बढ़ती जा रही है। वायु प्रदूषण लाखों लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। मौसम में अप्रत्याशित बदलाव की वजह से लाख

VISHAY VISHESH: UNITED NATIONS | संयुक्त राष्ट्र

1939 से 1945 तक चले दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हुए विध्वंस और इससे पहले प्रथम विश्वयुद्ध के विनाश से दुनिया के तमाम देश तंग आ चुके थे। इस विनाशकारी प्रभाव से बचने के लिए दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान ह

G20 Leaders’ Summit 2021 | Vishay Vishesh on G20

कोविड-19 वैश्विक महामारी ने जहां पूरे विश्व की अर्थव्यस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है...वहीं जलवायु परिवर्तन की चुनौती से पूरी दुनिया जूझ रही है...साथ ही, वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की ब

Vishay Vishesh | Samvidhan Divas | Constitution Day | Constitution of India

सैकड़ों साल की दासता और गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। भारत की आजादी उसकी जनता के लिए एक ऐसे युग की शुरुआत थी जो एक नए दर्शन, विचार और सिद्धांत से प्रेरित था...

Importance of Putin Visit to India : Indo-Russia relations

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन छह दिसंबर को भारत दौरे पर आ रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ नई दिल्ली में होने वाले 21 वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्स

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