Bihar is the land of Buddha, not war...A confluence of glorious history, tradition, and modernity
बिहार की भूमि पर ही पहली बार केंद्रीकृत शासन प्रणाली की शुरुआत हुई और शक्तिशाली महाजनपद अस्तित्व में आए। बिहार में ही विश्व का पहला गणतंत्र यानी रिपब्लिक की परिकल्पना साकार हुई। सम्राट अशोक ने यहीं से पहली बार एक कल्याणकारी राज्य का आदर्श प्रस्तुत किया। ब्रिटिश सत्ता को पहली बार सशक्त चुनौती देनेवाला जन आंदोलन, वहाबी आंदोलन यही संगठित हुआ। 1857 में बाबू कुँवर सिंह और पीर अली जैसे देशभक्तों ने ब्रिटिश सत्ता को यहीं से ललकारा था। महात्मा गाँधी ने पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग भारत में जन आंदोलन के हथियार के रूप इसी धरती पर किया। स्वतंत्र भारत का प्रथम राष्ट्रपति इसी भूमि ने प्रदान किया और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की सम्पूर्ण क्रांति की कल्पना इसी भूमि से व्यापक जन आंदोलन का प्रेरणा स्रोत बनी। शेरशाह की कर्मभूमि यही बिहार की भूमि थी। यही क्षेत्र उसके प्रशासनिक सुधारों की प्रयोगशाला रहा। बिहार की इसी भूमि पर सूफी संतों ने प्रेम, बंधुत्व, सद्भाव और धार्मिक सहिष्णुता के उपदेश दिए