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मुख्य सचिव ने मलिन बस्तीवासियों के पुनर्वास के वर्किंग प्लान पर तत्काल कार्य करने की दी हिदायत

मुख्य सचिव ने मलिन बस्तीवासियों के पुनर्वास के वर्किंग प्लान पर तत्काल कार्य करने की दी हिदायत

स्लम फ्री उत्तराखण्ड के विजन के साथ कार्य करें-सीएस

रिस्पना एवं बिन्दाल नदियों के पुनर्जीवीकरण का अपडेट मांगा

आईपीएल 2025- कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबला आज 

आईपीएल 2025- कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबला आज 

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के 15वें मुकाबले में आज यानि गुरुवार को कोलकाता नाइट राइडर्स का सामना सनराइजर्स हैदराबाद से होना है। यह मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। ये दोनों ही टीमें पिछले साल आईपीएल 2024 फाइनल के मैच में एक-दूसरे से भिड़ी थी, जिसमें केकेआर ने खिताबी जंग जीती थी। हालांकि, इस सीजन कहानी एक दम अलग है। दोनों टीमें मौजूदा सीजन की अंक तालिका में आखिरी के स्थानों पर मौजूद है।

नुसरत भरूचा की आगामी फिल्म 'छोरी 2' का ट्रेलर हुआ रिलीज, 11 अप्रैल को प्राइम वीडियो पर देगी दस्तक  

नुसरत भरूचा की आगामी फिल्म 'छोरी 2' का ट्रेलर हुआ रिलीज, 11 अप्रैल को प्राइम वीडियो पर देगी दस्तक  

बेटियों का जन्म हर किसी के लिए खुशखबरी नहीं होता। यह समाज का एक कड़वा सच है। इतिहास में कई ऐसी कहानियां दफन हैं, जहां बेटियों को जन्म के साथ ही मौत की नींद सुला दिया जाता। फिल्मों और धारावाहिकों में इन कहानियों को उतारने की कोशिश होती रही हैं। कुछ इसी तरह की कहानी लेकर आ रही है हॉरर फिल्म 'छोरी 2'। फिल्म का ट्रेलर जारी कर दिया गया है।

पीएमजीएसवाई के तहत उत्तराखंड में 814 किमी सड़कों का निर्माण

पीएमजीएसवाई के तहत उत्तराखंड में 814 किमी सड़कों का निर्माण

उत्तराखंड में पीएमजीएसवाई योजना की प्रगति को केंद्र सरकार ने सराहा

देहरादून। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत हाल में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान 814 किमी लंबी सड़कों का निर्माण किया गया। राज्य की प्रगति को देखते हुए भारत सरकार ने योजना के तीसरे चरण में स्वीकृत 09 पुलों के निर्माण के लिए भी बजट जारी कर दिया है।

इस दिन खुलेंगे चारधाम के पहले प्रमुख पड़ाव यमुनोत्री धाम के कपाट

इस दिन खुलेंगे चारधाम के पहले प्रमुख पड़ाव यमुनोत्री धाम के कपाट

देहरादून। चारधाम के पहले प्रमुख पड़ाव यमुनोत्री के कपाट 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इससे पूर्व मां यमुना की डोली अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली से सुबह आठ बजे यमुनोत्री धाम

के लिए रवाना होगी। यमुना जयंती के अवसर पर यमुना मंदिर परिसर खरसाली गांव में कपाट खुलने का समय लग्न निकाला गया, जिसके अनुसार 30 अप्रैल को 11,55 रोहिणी नक्षत्र सिद्ध योग शुभ लग्न पर यमुना मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।

Exclusive Articles

Constitution Day

संविधान दिवस पर विशेष: कैसे बना संविधान और क्या है विशेषता?

सैकड़ों साल की दासता और गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। भारत की आजादी उसकी जनता के लिए एक ऐसे युग की शुरुआत थी जो एक नए दर्शन, विचार और सिद्धांत से प्रेरित था। जिसके मूल में लोक संप्रभुता, प्रतिनिधिमूलक सरकार और नागरिक अधिकारों की मूलभूत अवधारणाएं शामिल थीं। जिनमें आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक न्याय के साथ ही स्वतंत्रता, समानता और बंधुता की बात कही गई। इस नए दर्शन, विचार और सिद्धांत का आधार बना हमारा संविधान यानी भारत का संविधान.... जिसे संविधान सभा में 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया। नागरिकता, निर्वाचन और अंतरिम संसद से संबंधित प्रावधानों के साथ ही अस्थायी और संक्रमणकारी उपबंधों को उसी दिन से लागू कर दिया गया। जबकि बाकी संविधान 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया। 26 जनवरी 1950 को संविधान में उसके प्रारम्भ की तारीख कहा गया। यही वजह है कि हर साल 26 नवंबर का दिन संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

Rashtrakavi Ramdhari Singh

रामधारी सिंह दिनकर: राष्ट्रचेतना और जनजागरण के कवि

जीवन भर अपनी रचनाओं में जन-जागरण के लिए हुंकार की गर्जना भरने वाले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर न केवल हिंदी साहित्य के भंडार को विविध विधाओं से भरने का यत्न करते रहे बल्कि क्रांति-चेतना के प्रखर प्रणेता बनकर अपनी कविताओं के जरिए राष्ट्र प्रेम का अलख जगाते रहे। दरअसल राष्ट्रीय कविता की जो परम्परा भारतेन्दु से शुरू हुई उसकी परिणति हुई दिनकर की कविताओं में। उनकी रचनाओं में अगर भूषण जैसा कोई वीर रस का कवि बैठा था, तो मैथिलीशरण गुप्त की तरह लोगों की दुर्दशा पर लिखने और रोनेवाला एक राष्ट्रकवि भी।

Atal Bihari Vajpayee

कर्म और विचार दोनों में अटल थे वाजपेयी

‘जीवन बंजारों का डेरा... आज यहाँ कल कहां कूच है... कौन जानता किधर सबेरा’... कविता की इन दार्शनिक पंक्तियों में जीवन का फलसफा छुपा हुआ है जिसे अटल बिहारी वाजपेयी अक्सर कहा करते थे। बिना किसी भय के पूरी निडरता के साथ भविष्य में घटने वाली हर अनहोनी के लिए तैयार रहना उसे स्वीकार करना किसी सामान्य व्यक्ति के बस की बात नहीं होती.... इसीलिए तो विशेष और असामान्य थे अटल बिहारी वाजपेयी.... जिन्होंने अपनी सौम्यता, सहजता और सहृदयता से करोड़ों भारतीयों के दिलों में घर बनाई।

bawani imli shahid smarak

‘बावनी इमली’: 52 स्वतंत्रता सेनानियों की फाँसी का गवाह एक इमली का पेड़

देश को आजादी दिलाने के लिए हजारों राष्ट्रभक्तों ने अपनी जान की कुर्बानी दे दी। अनगिनत लोगों ने ब्रिटिश हुकूमत की यातना और पीड़ा को झेला। स्वाधीनता के आंदोलन में जो जिंदा बच गए, उन्होंने तो अपनी आपबीती सुनाई, लेकिन उस लड़ाई के गवाह सिर्फ क्रांतिकारी, राष्ट्रीय नेता, आम जनता या लिखी गई दस्तावेज ही नहीं हैं, बल्कि अनेक ऐसे बेजुबान पेड़-पौधे, नदी-झील, पर्वत-पहाड़ और ऐतिहासिक इमारत भी हैं, जिन्होंने आजादी की लड़ाई के दौरान हमारे क्रांतिकारियों और राष्ट्रभक्तों को अपने तले पनाह दी। उन्हें हिम्मत दी और थेक-हारे देशभक्तों के अंदर एक उम्मीद की किरण जगाई। इन बेजुबानों ने अंग्रेजों के जुल्मों-सितम को देखा, उनकी बर्बरता देखी, अपने शूरवीरों का बलिदान देखा और देश की आजादी के साक्षी भी बने। अफसोस कि वे कुछ बोल नहीं सकते, लेकिन वे आज भी खड़े हैं, इतिहास को खुद में समेटे... और हर आने जाने वालों को गवाही देते हैं कि मैं उस दौर का साक्षी हूँ, जब हमारे शूरवीरों ने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। इन्हीं साक्ष्यों में से एक है, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खजुहा कस्बे के पास स्थित ‘बावनी इमली’ का पेड़। इसी इमली के पेड़ पर 28 अप्रैल 1858 को अंग्रेजों ने 52 क्रांतिवीरों को एक साथ फांसी पर लटका दिया था। इमली का वह बूढा दरख्त आज भी अपने अतीत के गौरव की कहानी सुना रहा है।

Bihar is the land of Buddha, not war...A confluence of glorious history, tradition, and modernity

बिहार की भूमि पर ही पहली बार केंद्रीकृत शासन प्रणाली की शुरुआत हुई और शक्तिशाली महाजनपद अस्तित्व में आए। बिहार में ही विश्व का पहला गणतंत्र यानी रिपब्लिक की परिकल्पना साकार हुई। सम्राट अशोक ने यहीं से पहली बार एक कल्याणकारी राज्य का आदर्श प्रस्तुत किया। ब्रिटिश सत्ता को पहली बार सशक्त चुनौती देनेवाला जन आंदोलन, वहाबी आंदोलन यही संगठित हुआ। 1857 में बाबू कुँवर सिंह और पीर अली जैसे देशभक्तों ने ब्रिटिश सत्ता को यहीं से ललकारा था। महात्मा गाँधी ने पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग भारत में जन आंदोलन के हथियार के रूप इसी धरती पर किया। स्वतंत्र भारत का प्रथम राष्ट्रपति इसी भूमि ने प्रदान किया औ

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COP26 SUMMIT | CLIMATE CHANGE AND CHALLENGES

दुनिया भर में तूफान, बाढ़ और जंगल में आग की घटना दिनोंदिन तेजी से बढ़ती जा रही है। वायु प्रदूषण लाखों लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। मौसम में अप्रत्याशित बदलाव की वजह से लाख

VISHAY VISHESH: UNITED NATIONS | संयुक्त राष्ट्र

1939 से 1945 तक चले दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हुए विध्वंस और इससे पहले प्रथम विश्वयुद्ध के विनाश से दुनिया के तमाम देश तंग आ चुके थे। इस विनाशकारी प्रभाव से बचने के लिए दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान ह

G20 Leaders’ Summit 2021 | Vishay Vishesh on G20

कोविड-19 वैश्विक महामारी ने जहां पूरे विश्व की अर्थव्यस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है...वहीं जलवायु परिवर्तन की चुनौती से पूरी दुनिया जूझ रही है...साथ ही, वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की ब

Vishay Vishesh | Samvidhan Divas | Constitution Day | Constitution of India

सैकड़ों साल की दासता और गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। भारत की आजादी उसकी जनता के लिए एक ऐसे युग की शुरुआत थी जो एक नए दर्शन, विचार और सिद्धांत से प्रेरित था...

Importance of Putin Visit to India : Indo-Russia relations

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन छह दिसंबर को भारत दौरे पर आ रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ नई दिल्ली में होने वाले 21 वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्स

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